रिव्यू – ‘दिल साला सनकी’ देखने के बाद दिमाग सनकी हो जाएगा

Review of Dil Saala Sanki
फिल्म -दिल साला सनकी
स्टारकास्ट – जिमी शेरगिल, योगेश कुमार एंड मदालसा शर्मा
डायरेक्टर – शुशीकैलाश
प्रोडूयसर – एस.के पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड

रेटिंग – 2 स्टार

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पंकज पाण्डेय

 

फिल्म ‘बैंजो’ और ‘डेज ऑफ़ तफरी’ के अलावा आज ‘दिल साला सनकी’ भी सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। कैसी है फिल्म चलिए जानते हैं।

 

स्टोरी

 

फिल्म ‘दिल साला सनकी’ की कहानी उत्तरप्रदेश के झांसी जिले की है। जहां बच्चा बाबू जैसे दबंग (जिमी शेरगिल) की हुकूमत चलती है। इसी जिले में एक और दबंग है जिसका नाम बादल (योगेश कुमार) है लेकिन यह दबंग बच्चा बाबू को अपना गुरु मानता है। वह बच्चा बाबू के लिए जान भी दे सकता है। एक दिन झांसी जिले में मेघा (मदालसा शर्मा) रहने आती है वह जिले के शिक्षक की बेटी है। बादल मेघा का दीवाना हो जाता है या फिर कहे कि मेघा को देखकर उसका दिल सनकी हो जाता है। बस अब बादल को किसी भी कीमत पर मेघा चाहिए। जब मेघा के पिता को इस बारे में पता चलता है तो वह बादल की शिकायत बच्चा बाबू से करते हैं और बच्चा बाबू मेघा के पिता को यह विश्वास दिलाते हैं कि वह बादल को यह सब करने से मना कर देंगे लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब बच्चा बाबू मेघा के दीवाने हो जाते हैं। अब बच्चा बाबू को भी किसी भी कीमत पर मेघा चाहिए। अब क्या होगा आगे, क्या बच्चा बाबू मेघा को हासिल कर पाएंगे ? और क्या बच्चा बाबू को अपना गुरु मानने वाला बादल मेघा के प्यार को हासिल करने के चलते बच्चा बाबू से दुश्मनी मोल लेगा ? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

 

डायरेक्शन

 

फिल्म का डायरेक्शन सुशी कैलाश जी  ने किया है। फिल्म के डायरेक्शन की अगर बात की जाए तो सुशी कैलाश ने कोई तीर नहीं मारा है। फिल्म में डायरेक्शन के हिसाब से कई कमियां हैं इसलिए यह आसानी से कहा जा सकता है कि सुशी कैलाश फिल्म को इंटरेस्टिंग बनाने में फेल साबित हुईं हैं। फिल्म को उत्तरप्रदेश बेस्ड बताया गया है लेकिन फिल्म के लोकेशन को देखकर कही से भी नहीं लगता कि यह फिल्म उत्तरप्रदेश में फिल्माई गयी है। तकनीकी तौर पर भी फिल्म काफी कमजोर है। फिल्म का एक भी तकनीकी पहलू परफेक्ट नहीं है। फिल्म का म्यूजिक ठीक-ठाक है।

 

परफॉरमेंस

 

परफॉरमेंस की बात करें तो जिमी शेरगिल का अभिनय स्क्रीन पर जंच रहा है। फिल्म के हीरो योगेश कुमार को अभी एक्टिंग के मामले में और भी ज्यादा मेहनत करनी होगी लेकिन एक्शन सीन्स को योगेश कुमार ने बखूबी फिल्माया है। फिल्म की हीरोइन मदालसा शर्मा ने औसत दर्जे का अभिनय किया है। फिल्म के बाकी कलाकारों का अभिनय भी औसत है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि फिल्म ‘दिल साला सनकी’ जैसी फ़िल्में उन्हीं लोगों को पसंद आएंगी जिनका दिल सनकी होगा।
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