मुझे नहीं लगता कि मैं ऊंचे मुकाम पर हूं – श्रीदेवी

I don't think that Today I am Very big stars says Sridevi
एक्ट्रेस श्रीदेवी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘मॉम’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। उनकी यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। पिछले दिनों जब एक प्रमोशनल इवेंट में हमारी मुलाकात श्रीदेवी से हुई तो हमने श्रीदेवी से उनकी फिल्म ‘मॉम’ और भी कई विषयों पर काफी बातचीत की। पेश हैं उस बातचीत के प्रमुख अंश।

loading...

पंकज पाण्डेय

आप लगभग पांच साल बाद स्क्रीन पर वापसी कर रही हैं, आपने इतनी देर क्यों लगा दी ?

मुझे नहीं लगता कि मैंने देर लगा दी है। मैंने अपनी पिछली फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ पूरे पंद्रह साल बाद की थी और अब मैं यह फिल्म पूरे पांच साल बाद कर रही हूं इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैंने स्क्रीन पर आने में देर की है। सच कहूं तो मैं कोई भी फिल्म करने के लिए ऐसे ही नहीं तैयार हो जाती हूं। मैं किसी भी फिल्म को करने से पहले उसके बारे में दिल से सोचती हूं। अगर उस फिल्म का सब्जेक्ट मेरे दिल को छूता है तो मैं फिल्म करने के लिए हां बोल देती हूं। फिल्म ‘मॉम’ के सब्जेक्ट ने मेरे दिल को छुआ था इसलिए मैंने यह फिल्म करने का फैसला किया।

आप इस फिल्म में अक्षय खन्ना के साथ काम कर रही हैं, उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?

काफी अच्छा रहा क्योंकि अक्षय एक मंझे हुए कलाकार हैं, उनके जैसे एक्टर इस इंडस्ट्री में काफी कम हैं। वो एक कम्पलीट एक्टर हैं जो कि जब परदे पर आता है तो पूरे परदे पर अपनी दमदार परफॉरमेंस से छा जाता है। वो जब कैमरे पर आते हैं तो काफी बेहतरीन लगते हैं। उनके अंदर भी उनके पिता विनोद खन्ना जैसा चार्म हैं लेकिन अक्षय की अपनी एक अलग एक्टिंग स्टाइल है जो कि उन्हें अपने पिता से अलग दिखाती है।

आप इस फिल्म में एक मां का किरदार निभा रही हैं, रियल लाइफ में आप किस तरह की मां हैं ?

मैं रियल लाइफ में एक बैलंस्ड मां हूं जो कि कभी-कभी स्ट्रिक्ट हो जाती है। असल में मैं कभी ज्यादा देर तक स्ट्रिक्ट नहीं हुई क्योंकि मेरे बच्चों ने मुझे कभी गुस्सा होने का मौका ही नहीं दिया। मेरी दोनों बेटियां मेरी बात मानती हैं और यह मेरी लिए काफी बड़ी बात है। मैं जान्हवी और ख़ुशी जैसी बेटियां पाकर काफी खुश हूं।

एक मां होने के नाते आप आज कल की जवान लड़कियों को क्या सलाह देना चाहती हैं ?

मेरे खयाल से आज कल की लड़कियां काफी समझदार हैं। वो सभी अच्छी तरह जानती हैं कि उनके लिए अच्छा क्या है और क्या बुरा इसलिए मैं बस इतना कहूंगी कि आज कल की लड़कियों को समझाने से ज्यादा उन्हें समझने की जरुरत है। उन्हें सही गलत का भाषण देने से अच्छा हमें उन्हें समझना चाहिए फिर देखिए आप अपने बच्चों के अंदर किस तरह का बदलाव पाएंगे।


आप आज जिस मुकाम पर हैं, आपको क्या लगता है अब सब कुछ आपने कर लिया या अब भी कुछ बाकी है ?

मैं नहीं समझती कि मैं आज काफी ऊंचे मुकाम पर हूं। मेरे खयाल से हर वक्त इंसान सीखता है और उसे जिंदगी भर सीखते ही रहना चाहिए। अगर किसी इंसान को लगता है कि अब उसने सब कुछ सीख लिया है और तो ये उसकी ग़लतफ़हमी है। मैं तो आज भी सोचती हूं कि मैं कितना अच्छा काम करूं और मेरे खयाल से किसी भी कलाकार के सीखने की कोई हद या सीमा नहीं होती। मैं आज भी जब अपनी किसी फिल्म का सीन देखती हूं तो मुझे लगता है कि शायद इस सीन को मैं और भी बेहतर कर सकती थी।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *