नेशनल अवार्ड जीतना चाहता हूं – शाहरुख़ खान

I want to win National Award says Shahrukh Khan
फिल्म ‘रईस’ की सफलता के बाद एक बार फिर बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख़ खान अपनी अगली फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ लेकर दर्शकों के सामने हैं। यह फिल्म 4 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इन दिनों शाहरुख़ खान अपनी इस फिल्म को प्रमोट करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। पिछले दिनों हमारी मुलाकात शाहरुख़ खान से हुई। हमने उनसे उनकी फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ के अलावा और भी कई मुद्दों पर बातचीत की। पेश हैं उस बातचीत के प्रमुख अंश।

loading...

पंकज पाण्डेय


आपकी यह
फिल्म टाइटल को लेकर पिछले दिनों काफी सुर्ख़ियों में थी
, इस बारे में क्या कहेंगे ?

देखिए, कुछ फ़िल्में होती हैं जिसके टाइटल पहले ही फाइनल हो जाते हैं और कुछ फिल्मों के फिल्म खत्म होने के बाद टाइटल फ़ाइनल होते हैं। हमारी फिल्म का हमने शुरू में वर्किंग टाइटल ‘रिंग’ रखा था लेकिन बाद हमें लगा कि यह टाइटल फिल्म के लिए परफेक्ट नहीं है। फिर एक दिन हमारी मुलाकात अभिनेता रनबीर कपूर से हुई और उन्होंने हमें ‘जब हैरी मेट सेजल’ टाइटल का सुझाव दिया। हमें भी यह टाइटल परफेक्ट लगा और हमने फिर इस टाइटल को फ़ाइनल कर लिया। मीडिया ने तो हमारी फिल्मों के कई नाम रखें जिसमें सफरनामा, रहनुमा और रिंग शामिल है।

फिल्म के डायरेक्टर इम्तियाज़ अली के साथ आपकी यह पहली फिल्म है, इस बारे में क्या कहेंगे ?

इम्तियाज़ अली के बारे में बस यही कहूंगा कि वो एक सुलझे हुए इंसान हैं। उन्होंने अब तक काफी सारी बेहतरीन फ़िल्में बनाई हैं लेकिन मैंने सिर्फ उनकी पहली फिल्म ‘सोचा ना था’ देखी है। इम्तियाज़ की सबसे बड़ी खास बात है उनकी लिखावट जो कि काफी सिंपल है। उनकी लिखावट, जब आप पढ़ेंगे तो लगेगा जैसे दो आम इंसान बात कर रहे हैं। उनकी लिखावट में सच्चाई होती है जो कि आज कल के डायरेक्टर्स की लिखावट में कम देखने को मिलती है। इसके अलावा इम्तियाज़ अली एक शरीफ और ईमानदार इंसान हैं और जब आप उनसे मिलेंगे तो आपको यह महसूस होने लगेगा।

अनुष्का शर्मा के साथ आपकी यह तीसरी फिल्म है, अनुष्का शर्मा के बारे में क्या कहेंगे ?

 

अनुष्का शर्मा मेरे काफी करीबी लोगों में शामिल हैं क्योंकि उनकी पहली फिल्म मेरे साथ थी। अनुष्का शर्मा काफी मेहनती भी हैं उन्हें भी मेरी तरह सीन्स में शामिल अपनी लाइन्स याद होती है। उनका फिल्म के हर एक सीन को लेकर अपना नजरिया रहता है और सीन करने से पहले वो मेरे साथ अपना सीन डिस्कस करती हैं ताकि जब हम कैमरे के सामने वो सीन करें तो वो सीन काफी इफेक्टिव लगे। अनुष्का शर्मा एक सिंपल फैमिली से हैं इसलिए ही शायद  वो एक सिंपल इंसान की तरह रहती हैं। जब मैंने उनके साथ पहली फिल्म की थी, उस वक्त से लेकर आज तक उनमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं आया है।


पिछले कुछ सालों में आपकी फ़िल्में आमिर खान और सलमान खान की फिल्मों के मुकाबले कम बिजनेस कर रही हैं तो क्या कभी आपको जलन महसूस होती है ?

मुझे ना कभी सलमान और आमिर से जलन हुई थी और ना ही कभी होगी। उन दोनों को मैं तब से जानता हूं, जब से मैं खुद इंडस्ट्री में नया था। वो दोनों मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, मुझे याद है मैं आमिर खान के साथ शतरंज खेला करता था और सलमान की फैमिली के साथ मेरे काफी अच्छे रिश्ते रहे हैं और आज भी हैं। आमिर और सलमान दोनों ही मेरे से सीनियर हैं तो उनसे जलने का कोई सवाल ही नहीं उठता।  रही बात फिल्मों के बिजनेस की तो हर फिल्म की अपनी ऑडियंस होती है। अब ‘दंगल’ जैसी फिल्म की अपनी ऑडियंस थी इसलिए ‘दंगल’ ने बेहतरीन बिजनेस किया लेकिन जब आमिर खान की फिल्म ‘तलाश’ आई थी तो उस फिल्म का बिजनेस अलग था। अब मेरी फिल्म ‘रईस’ का बिजनेस ‘दंगल’ जैसा नहीं हो सकता क्योंकि हर फिल्म की अपनी ऑडियंस और अपना एक जोन होता है। जब कभी मैं भी ‘दंगल’ जैसी फिल्म करूंगा तो मुझे यकीन है कि मेरी फिल्म भी ‘दंगल’ जैसा बिजनेस करेगी।

आपने अभी तक काफी सारे अवार्ड्स जीते हैं  लेकिन आज तक आपने नेशनल अवार्ड नहीं जीता है, कभी ऐसा फील होता है कि अभी नेशनल अवार्ड जीतना बाकी है ?

 
सच कहूं तो होता है, मेरा सपना है कि मुझे  एक दिन नेशनल अवार्ड मिले क्योंकि मैंने अभी तक सारे अवार्ड जीत लिए हैं बस नेशनल अवार्ड ही बाकी है। मुझे एक दो बार ऐसा लगा था कि मुझे शायद नेशनल अवार्ड मिल जाएगा लेकिन नहीं मिला। जब मेरी फिल्म ‘स्वदेश’ और ‘चक दे इंडिया’ आयी थी, उस वक्त मुझे लगा कि शायद इस बार मुझे नेशनल अवार्ड मिलेगा लेकिन नहीं मिला। कभी-कभी लगता है कि शायद मैंने अभी तक नेशनल अवार्ड वाला काम नहीं किया है शायद इसलिए अभी तक नहीं मिला है तो कभी-कभी मैं सोचता हूं कि शायद मैं उतना टैलेंटेड नहीं हूं कि मुझे नेशनल अवार्ड मिले।

आप एक सुपरस्टार हैं, आपको करोड़ों लोग पसंद करते हैं लेकिन कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो आपको पसंद नहीं करते तो आप ऐसे लोगों को कैस हैंडल करते हैं ?

अगर आप एक क्रिटिक्स हैं और आपको मेरी फिल्म पसंद आई तो मैं आपको धन्यवाद नहीं कहूंगा और अगर आपको मेरी फिल्म पसंद नहीं आई तो भी मैं आपको कुछ नहीं कहूंगा क्योंकि आपकी वो अपनी एक व्यक्तिगत राय है। मैं उन लोगों से नाराज नहीं होता जो लोग मुझे या मेरे काम को पसंद नहीं करते और मैं उन लोगों से खुश भी नहीं होता जो लोग मुझे और मेरे काम को पसंद करते हैं। मुझे बस उन लोगों से नफरत होती है जो लोग सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर गंदगी फैला रहे हैं। मैं पहले तो ऐसे लोगों को समझाता हूं लेकिन जब उन्हें नहीं समझ आता तो मैं उन्हें ब्लॉक कर देता हूं क्योंकि मैं नहीं चाहता कि उनकी फैलाई हुई गंदगी मेरे आस-पास भी रहे।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *