रिव्यू – चखने लायक है ‘बरेली की बर्फी’

Review Film Bareilly Ki Barfi worth Tasting
फिल्म – बरेली की बर्फी

स्टार कास्ट – आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव, कृति सनोन

डायरेक्टर – अश्विनी अय्यर तिवारी

प्रोडूयसर – जंगली पिक्चर्स, बी आर स्टूडियो

रेटिंग – 3 स्टार

 

पंकज पाण्डेय

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अश्विनी अय्यर तिवारी निर्देशित फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। कैसी है फिल्म चलिए जानते हैं।

स्टोरी

फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ की कहानी बरेली में रहने वाली बिंदास लड़की बिट्टी मिश्रा (कृति सनोन) की है। बिट्टी के परिवार में उसके पिता नरोत्तम मिश्रा (पंकज त्रिपाठी) और माता सुशीला (सीमा पाहवा) भी हैं जो कि बिट्टी की शादी को लेकर काफी परेशान हैं। इसी बीच, एक दिन बिट्टी के हाथ बरेली की बर्फी नाम की बुक लगती है। उस बुक को पढ़ने के बाद बिट्टी को ऐसा लगता है, जैसे वो किताब उसके बारे में लिखी गयी है। बिट्टी अब फिल्म के राइटर प्रीतम विद्रोही (राजकुमार राव) से मिलने का फैसला करती है लेकिन बुक में प्रीतम विद्रोही का पता नहीं लिखा होता है। अब बिट्टी बुक को प्रिंट करने वाले प्रिंटिंग प्रेस के मालिक चिराग दुबे (आयुष्मान खुराना) से जाकर मिलती है और प्रीतम विद्रोही से मिलने की इच्छा चिराग को बताती है। बिट्टी से मिलने के बाद चिराग को बिट्टी से प्यार हो जाता है और बिट्टी की ख़ुशी के लिए चिराग अपने दोस्त प्रीतम विद्रोही को बिट्टी से मिलवाता है और यही से फिल्म में बिट्टी, प्रीतम और चिराग के बीच लव ट्रायंगल शुरू हो जाता है। अब बिट्टी नाम की बर्फी किसे मिलती है, यह तो आपको फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा।

डायरेक्शन

डायरेक्टर अश्विनी अय्यर तिवारी की यह दूसरी फिल्म है। इससे पहले अश्विनी अय्यर तिवारी ‘निल बटे सन्नाटा’ फिल्म को डायरेक्ट कर चुकी हैं। अगर डायरेक्शन की बात करें तो फिल्म को अश्विनी अय्यर तिवारी ने बेहतरीन तरीके से डायरेक्ट किया है। फिल्म की स्टोरी, स्क्रीनप्ले, सिनेमेटोग्राफी सब कुछ बढ़िया है और खासतौर पर फिल्म के डायलॉग तो काफी अच्छे हैं जो शायद आपको याद रह जाए। फिल्म का क्लाइमेक्स प्रेडिक्टेबल है जो कि फिल्म को कमजोर बनाता है। फिल्म का म्यूजिक औसत दर्जे का है और फिल्म का सिर्फ ‘स्वीटी’ गाना ही सबसे ज्यादा पॉपुलर हुआ है।

परफॉरमेंस

परफॉरमेंस की बात करें तो कृति सनोन ने काफी बढ़िया एक्टिंग की है। इस फिल्म के माध्यम से कृति ने यह साबित कर दिया है कि वो सिर्फ ग्लैमरस रोल के लिए ही नहीं बनी हैं। आयुषमान खुराना का अभिनय ठीक है। फिल्म के कुछ सीन्स में वो काफी इफेक्टिव लग रहे हैं। इस फिल्म में राजकुमार राव का अभिनय जबरदस्त है, जैसे ही फिल्म में उनकी एंट्री होती है, फिल्म में जान आ जाती है और ये उनकी एक्टिंग का ही जादू है। पंकज त्रिपाठी, सीमा पाहवा और रोहित चौधरी का भी अभिनय ठीक है।

क्यों देखें

फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ एक बढ़िया पारिवारिक फिल्म है जिसे काफी बेहतरीन तरीके से बनाया गया है। इस फिल्म को आप एक बार तो देखने जा ही सकते हैं। फिल्म देखने के बाद मैं तो यही कहूंगा कि यह फिल्म आप सिर्फ और सिर्फ राजकुमार राव की जबरदस्त परफॉरमेंस देखने के लिए ही जा सकते हैं।

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