रिव्यू – प्यार की अलग परिभाषा दिखाती है ‘करीब करीब सिंगल’

Review Qarib Qarib Singlle Hindi
फिल्म – करीब करीब सिंगल
स्टारकास्ट – इरफ़ान खान, पार्वती
डायरेक्टर – तनुजा चंद्रा
प्रोडूयसर – ज़ी स्टूडियो
रेटिंग – 3 स्टार
 
 
पंकज पाण्डेय
 
इरफ़ान खान अभिनीत फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। कैसी है फिल्म चलिए जानते हैं।
 
 
 
स्टोरी
 
फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ की कहानी योगी (इरफ़ान खान) और जया (पार्वती) की है। 35 वर्षीय जया मुंबई में रहती है और एक बीमा कंपनी में नौकरी करती है। जया एक तलाकशुदा लड़की है जिसके पति का देहांत हो चुका है। ऑनलाइन डेटिंग साइट के माध्यम से एक दिन जया की मुलाक़ात योगी से होती है और इस मुलाकात में योगी जया को बताता है कि उसकी तीन एक्स गर्लफ़्रेंड रह चुकी हैं। जया योगी को कहती है कि वो योगी की तीनों एक्स गर्लफ्रेंड से मिलना चाहती है। योगी जया को अपनी कजिन सिस्टर बनाकर अपनी तीनों गर्लफ्रेंड से मिलाने ले जाता है।  फिर शुरू होता है हास्य से भरपूर अनोखी लव स्टोरी का मज़ेदार सफ़र। क्या अब इस सफर के दौरान योगी और जया सिंगल से मिंगल हो पाएंगे। यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
 
 
डायरेक्शन
 
फिल्म को डायरेक्ट तनुजा चंद्रा ने किया है और फिल्म देखने के बाद हमें तनुजा जी के डायरेक्शन की तारीफ़ करनी होगी क्योंकि इससे पहले तनुजा जी ने इस तरह की फ़िल्में नहीं बनाई हैं। फिल्म का स्क्रीनप्ले ठीक-ठाक है और सिनेमेटोग्राफी भी बढ़िया है। फिल्म का फर्स्ट पार्ट दूसरे पार्ट की अपेक्षा काफी मजेदार है। फिल्म का म्यूजिक भी ठीक-ठाक है।
 
 
परफॉरमेंस
 
परफॉरमेंस की बात करें तो इरफ़ान खान ने ‘हिंदी मीडियम’ के बाद फिर एक बाद अपने अभिनय से यह प्रूफ कर दिया है कि वह एक वर्सटाइल अभिनेता हैं। मलयालम एक्ट्रेस पार्वती ने फिल्म में इरफ़ान खान का साथ बखूबी निभाया है। नेहा धूपिया का कैमियो फिल्म को सपोर्ट करता है। इसके अलावा सपोर्टिंग कास्ट का भी अभिनय ठीक है।
 
 
क्यों देखें
 
फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ एक बेहतरीन फिल्म है और यह फिल्म सभी वर्गों के लोगों को पसंद आएगी। इस फिल्म के जरिए प्यार की एक अलग परिभाषा दिखाई गयी है जिससे सभी लोग आसानी से कनेक्ट हो पाएंगे।
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