रिव्यू – फैसलों की दुविधा को दर्शाती है ‘मॉनसून शूटआउट ‘

Film Monsoon Shootout shows the Dilemma of decisions
फिल्म – मॉनसून शूटआउट
स्टारकास्ट – विजय वर्मा, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, नीरज काबी
डायरेक्टर – अमित कुमार
प्रोडूयसर – गुनीत मोंगा, अनुराग कश्यप
रेटिंग – 2.5 स्टार
 
 
पंकज पाण्डेय
 
 
कांस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जा चुकी फिल्म ‘मॉनसून शूटआउट’ कल सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कैसी है फिल्म चलिए जानते हैं।
 
 
 
स्टोरी
 
फिल्म ‘मॉनसून शूटआउट’ की कहानी क्राइम ब्रांच में भर्ती हुए अफसर आदित्य (विजय वर्मा) की कहानी है जिसकी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अफसर खान (नीरज काबी) के साथ ड्यूटी लगाई जाती है। दोनों का काम करने का तरीका बिलकुल अलग है इसलिए कई बार दोनों के बीच मतभेद भी होते हैं। दूसरी तरफ कुल्हाड़ी किलर शिवा (नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी) मुंबई शहर के बिल्डर्स को परेशान कर रहा है। एक दिन खान और आदित्य को शिवा के ठिकाने के बारे में पता चलता है और जब आदित्य शिवा को शूट करने जाता है तो वो शूट करने और शूट ना करने के बारे में सोचने लगता है और उससे जुड़े प्रभाव कहानी में दिखाए जाने शुरू हो जाते हैं। अब आदित्य शिवा को शूट करता है या नहीं, यह आपको फिल्म देखने के बाद पता चलेगा।
 
 
डायरेक्शन
 
फिल्म को डायरेक्ट अमित कुमार ने किया है और उनका डायरेक्शन ठीक ही है। फिल्म फर्स्ट हाफ तक शायद ही किसी को समझ आएगी लेकिन सेकंड हाफ में लोगों को धीरे-धीरे फिल्म समझ आने लगेगी। फिल्म का स्क्रीनप्ले अच्छा नहीं है लेकिन सिनेमेटोग्राफी बढ़िया है। फिल्म में मुंबई को काफी बढ़िया ढंग से दिखाया गया है। फिल्म कई सीन्स में बोर भी करती है। फिल्म का म्यूजिक औसत दर्जे का है।
 
 
परफॉरमेंस
 
अगर परफॉरमेंस की बात करें तो नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का रोल ज्यादा बड़ा नहीं है लेकिन फिर भी उनकी परफॉरमेंस फिल्म में ठीक है। विजय वर्मा का काम जबरदस्त है, वो फिल्म के लगभग सभी सीन्स में इफेक्टिव लगते हैं। नीरज काबी का भी काम संतोषजनक है। तनिष्ठा चटर्जी ने भी ठीक-ठाक काम किया है।
 
 
क्यों देखें
 
फिल्म ‘मॉनसून शूटआउट’ एक अलग तरह की फिल्म है जिसमें एक अफसर अपने फैसलों को लेकर दुविधा में पड़ा हुआ है जो कि सिनेमा लवर्स के लिए एक नया एक्सपीरियंस होगा। 
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