रिव्यू – राजपूतों का गौरव बढ़ाती है फिल्म ‘पदमावत’

Review of Padmaavat
फिल्म – पदमावत

स्टारकास्ट – दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर

डायरेक्टर – संजय लीला भंसाली

प्रोडूयसर – संजय लीला भंसाली, अजित अंधारे

रेटिंग – 3.5 स्टार

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पंकज पाण्डेय

फिल्म ‘पदमावत’ सन 1540 में मलिक मुहम्मद जायसी द्वारा लिखी गयी रचना पदमावत पर आधारित है। फिल्म में एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण पदमावती का किरदार निभा रही हैं। यह फिल्म कल देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कैसी है फिल्म? चलिए जानते हैं।

स्टोरी

फिल्म ‘पदमावत’ में दिखाया गया है कि अफगानिस्तान के खिलजियों के सुल्तान जलालुद्दीन ख़िलजी (रजा मुराद) सल्तनत-ए-हिंद के मुखिया हैं लेकिन अलाउद्दीन ख़िलजी (रणवीर सिंह) का सपना है कि वो एक दिन सल्तनत-ए-हिंद का मुखिया बने। वही दूसरी तरफ सिंघल की राजकुमारी पदमावती (दीपिका पादुकोण) जंगल में शिकार कर रही हैं लेकिन ग़लती से उनका एक तीर चित्तौड़गढ़ के राजा रतन सिंह (शाहिद कपूर) को घायल कर देता है। राजकुमारी पदमावती का यह तीर चित्तौड़गड़ के राजा रतन सिंह को इस तरह घायल कर देता है कि राजा रतन सिंह पदमावती को अपनी पत्नी बनाने का फैसला कर लेते हैं।  एक दिन जब राजा रतन सिंह अपने एकांत कक्ष में रानी पदमावती के साथ वक्त बिता रहे होते हैं, उस वक्त राजा रतन सिंह के गुरु इन पलों को देखने की कोशिश करते हैं। अपने गुरु के इस अपराध के लिए राजा रतन सिंह अपने गुरु को देश निकाला का आदेश देते हैं। अपने सीने में बदले की आग लिए राजा रतन सिंह का गुरु अलाउद्दीन ख़िलजी के साथ मिलकर एक षड़यंत्र रचता है और अपने इस षड़यंत्र में पहले वो अलाउद्दीन ख़िलजी के मन में पदमावती की खूबसूरती के प्रति आकर्षण पैदा करता है। पदमावती की खूबसूरती के बारे में सुनकर अलाउद्दीन खिलजी पदमावती का दीवाना हो जाता है और पदमावती का दीदार करने के लिए तरसने लगता है। फिर यहीं से शुरू होती है अलाउद्दीन ख़िलजी और राजा रतन सिंह के बीच जंग। इस जंग में कौन विजयी होता है, यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

डायरेक्शन

फिल्म को डायरेक्ट संजय लीला भंसाली ने किया है जिनका डायरेक्शन कमाल का है। यह फिल्म देखने के बाद ऐसा लगता है जैसे शायद ही कोई संजय लीला भंसाली से बेहतर यह फिल्म बना पाता। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग काफी बढ़िया है। फिल्म के डायलॉग भी जबरदस्त हैं और फिल्म के किरदारों द्वारा पहने हुए वस्त्र और आभूषण भी लाजवाब हैं। फिल्म का म्यूजिक औसत दर्जे का है सिर्फ घूमर गाना ही सुनने लायक है।

परफॉरमेंस

परफॉरमेंस की बात करें तो फिल्म में सभी ने ठीक-ठाक काम किया है। दीपिका पादुकोण पदमावती के किरदार में काफी खूबसूरत नजर आ रही हैं लेकिन शायद फिल्म के कई सीन्स में उनकी एक्टिंग देखकर आपको मस्तानी की याद आ जाए। रणवीर सिंह ने पहली बार नेगेटिव किरदार निभाया है और वो अपने किरदार में काफी जंच रहे हैं लेकिन दीपिका की तरह फिल्म के कई सीन्स में रणवीर सिंह की एक्टिंग भी बाजीराव की याद दिलाती है। शाहिद कपूर का अभिनय संतोषजनक है। रजा मुराद और अदिति राव हैदरी ने भी बढ़िया काम किया है।

क्यों देखें

फिल्म ‘पदमावत’ को देखने की कई वजहें हैं इसलिए वजहें बताना ठीक नहीं। बस इतना कहा जा सकता है कि इस ऐतिहासिक फिल्म को आप अपने परिवार के साथ जरूर देखिए।

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