सरकार को मुफ्त में पैड बांटना चाहिए – अक्षय कुमार

Government should distribute pads for free says Akshay Kumar
इन दिनों अभिनेता अक्षय कुमार साल की बहुचर्चित फिल्म ‘पैडमैन’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं जो कि आज सिनेमाघरों में रिलीज होगी। पिछले दिनों फिल्म से जुड़े एक प्रमोशनल इंटरव्यू के दौरान हमने अक्षय कुमार से उनकी फिल्म को लेकर बातचीत की। पेश हैं उस बातचीत के कुछ अंश।



पंकज पाण्डेय

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इंडस्ट्री में कई बड़े सितारे हैं लेकिन जिस तरह आप सोशल सब्जेक्ट पर बेस्ड फिल्में बना रहे हैं, उस तरह की फिल्म कोई नहीं बना रहा है ?

 
देखिए, बाकियों के बारे में मैं नहीं जानता लेकिन मुझे जो सब्जेक्ट अच्छा लगता है, मैं उस पर फ़िल्में बना लेता हूं। इससे पहले मैंने टॉयलेट पर फिल्म बनाई थी और अब सेनेटरी पैड पर बनाई है। मैं आपको बता दूं कि हॉलीवुड इंडस्ट्री में भी आज तक सेनेटरी पैड पर फिल्म नहीं बनी है। उन्होंने कंडोम पर फिल्म बनाई है, यहां तक कि स्पर्म पर भी फिल्म बनाई है लेकिन उन्होंने पैड पर फिल्म नहीं बनाई है। हमारे देश में लगभग 82 प्रतिशत महिलाएं पैड इस्तेमाल नहीं करतीं क्योंकि किसी के पास पैसे नहीं हैं तो कोई पैड जैसी चीज पर विश्वास नहीं रखता। मैं तो उस दिन का इंतजार कर रहा हूं जब बेटी बाप को बोलेगी कि आप शाम को घर लौटते वक्त मेरे लिए पैड लेते आना।

आप फिल्म के निर्माता हैं, ऐसे में आर बाल्की को ही आपने क्यों फिल्म डायरेक्ट करने के लिए फाइनल किया ?

आर बाल्की एक सेंसिटिव और सेंसिबल किस्म के डायरेक्टर हैं। मुझे एक ऐसे ही इंसान की जरुरत थी जो इस तरह के सेंसिटिव मुद्दे को दर्शकों के सामने पेश कर सके। मैंने उनकी कई फ़िल्में देखी हैं और मुझे उनका काम काफी पसंद है। जिस तरह वो फिल्म के सीन्स लिखते हैं और फिल्मों को डायरेक्ट करते हैं वो काबिले तारीफ़ है। इतने सेंसिटिव मुद्दे को एक लव स्टोरी के रूप में कन्वर्ट करना आर बाल्की के ही बस का काम था।

आपने सेनेटरी पैड को कब छुआ था और आपको पैड के बारे में कब पता चला था ?

मैं जब पंद्रह या सोलह साल का था तब मुझे पैड के बारे में पता चल गया था लेकिन मैंने डेढ़ साल पहले ही पैड को छुआ था। मेरी वाइफ ट्विंकल ने पैड के बारे में मुझे काफी कुछ बताया है और यह सब लगभग डेढ़ साल पहले ही हुआ।

आप पिछले पच्चीस सालों से ज्यादा समय से इंडस्ट्री में हैं, इतने समय तक इंडस्ट्री में रहने के लिए आपने क्या किया ?

कोई भी करियर हो अगर आपको टिके रहना है तो आपको कुछ अलग करना पड़ेगा। लोग मेरे बारे में पहले कहते थे कि ये तो सिर्फ एक्शन फ़िल्में करता है। उस वक्त कोई भी डायरेक्टर या प्रोडूयसर एक्शन फ़िल्में बनाता था तो उन्हें सिर्फ मेरा नाम याद आता था क्योंकि उन्हें लगता था कि मैं दूसरी चीज नहीं कर सकता। फिर अचानक मुझे प्रियदर्शन ने कॉमेडी फिल्म ‘हेरा फेरी’ के लिए साइन किया और उस फिल्म के बाद लोगों को लगने लगा कि मैं कॉमेडी भी कर सकता हूं। फिर कुछ दिन बाद मुझे फिल्म ‘अजनबी’ मिली और इस फिल्म के बाद लोगों को लगने लगा कि मैं नेगेटिव किरदार भी कर सकता हूं। उसके बाद मैंने रोमांटिक फिल्म ‘धड़कन’ और ‘एक रिश्ता’ की जिसके बाद लोग मुझे रोमांटिक हीरो भी समझने लगे। उसी वक्त मुझे समझ में आ गया था कि अगर इंडस्ट्री में रहना है तो हमेशा एक जैसी फ़िल्में करने के बजाय अलग-अलग तरह की फ़िल्में करनी चाहिए।

आपने अपने करियर में स्थापित डायरेक्टर की अपेक्षा नए डायरेक्टर्स के साथ ज्यादा काम किया है, इस बारे में क्या कहेंगे ?

हां, आपने सही कहा कि मैंने कई नए डायरेक्टर्स के साथ काम किया है क्योंकि मुझे उनके चेहरे पर काम की भूख नजर आती है। जब भी मैं किसी नए डायरेक्टर की शक्ल देखता हूं तो मुझे एक भूख दिखाई पड़ती है क्योंकि उन लोगों ने अपने जीवन में कई बार ठोकरें खाई हैं। जब वो बोलते हैं कि मुझे अगर मौका मिल जाए तो मैं सब कर लूंगा और यही चीज मुझे उनके अंदर पसंद आती है और मैं उनके साथ फिल्म कर लेता हूं। आपको बता दूं कि मैंने  नए डायरेक्टर्स के साथ ज्यादा सफल फ़िल्में भी दी हैं।

आप सरकार से पैड को लेकर कुछ कहना चाहते हैं ?

मैं चाहता हूं कि सरकार खासतौर पर रूरल एरिया में रहने वाली औरतों को पैड मुफ्त में बांटे क्योंकि उन्हें इसकी काफी जरुरत है। इसके अलावा मैं चाहता हूं कि सरकार हर एक महिला के ऊपर सिर्फ 400 रुपए खर्च करती है तो अपने आप सेनेटरी पैड वाली यह समस्या सॉल्व हो जाएगी।
 

 
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