मैं खुद को प्रियंका चोपड़ा का 70 प्रतिशत समझती हूं – दिव्या सिंह

Divyaa Siingh
छोटे शहरों से अपनी आंखों में बड़े सपने लिए माया नगरी में आना और यहां आकर अपने लिए जगह बनाना सबके बस की बात नहीं है। ये जज्बा बहुत कम लोगों में होता है, उन्हीं में से एक हैं झारखंड की दिव्या सिंह, जो इन दिनों बॉलीवुड में करियर बनाने के लिए काफी मेहनत कर रही हैं। उम्मीद है जल्द ही दिव्या अपने सपनों को पूरा करने में कामयाब भी होंगी। आइए, बॉलीवुड में एंट्री से लेकर दिव्या के एक्ट्रेस बनने के डगर के सफर को उन्हीं की जुबानी जानते हैं।
पंकज पाण्डेय

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आप बेसिकली कहां से बिलॉन्ग करती हैं ?

मैं झारखंड से हूं और मेरे पिता आर्मी में थे इसलिए मैंने अपनी स्कूल की पढाई कई जगहों से पूरी की है। मैंने अपना ग्रेजुएशन कोलकाता से किया है। इसके अलावा मैंने एयर हॉस्टेस की ट्रेनिंग भी की है। मैंने मॉडलिंग भी की है और थिएटर भी किया है। मुझे डांस का भी शौक है, मैं स्टेज परफ़ॉर्मर भी हूं।

क्या आप बचपन से ही एक्ट्रेस बनना चाहती थीं या किसी ने इंस्पायर किया ?

बिल्कुल भी नहीं, मैं बचपन से एक्ट्रेस नहीं बनना चाहती थीं क्योंकि मैं एक मिडल क्लास फैमिली से हूं। एक्ट्रेस बनने का बचपन में मुझे कभी ख़याल नहीं आया। मुझे याद है कि बचपन में मेरे पैरेंट्स मुझे सिर्फ पढ़ने के लिए जोर देते थे और कहते थे कि पढ़ो तुम्हे बड़े होकर कुछ बनना है। तुमको एमएनसी कंपनी में जॉब मिल जाएगी या फिर तुम इंजीनियर बन जाओगी। रही किसी से इंस्पायर होने की बात तो मैंने किसी से इंस्पायर होकर एक्ट्रेस बनने का फैसला नहीं किया है।


क्या आपको फिल्मों के ऑफर्स मिल रहे हैं ?

मुझे अब तक कई फिल्मों के ऑफर्स मिल चुके हैं लेकिन मैंने उन ऑफर्स को स्वीकार नहीं किया क्योंकि मुझे उन फिल्मों में वो बात नहीं नजर आई जो मुझे चाहिए थी। सच बोलूं तो वो सभी फ़िल्में छोटी बजट की थीं और मैं छोटे बजट की फिल्मों का हिस्सा नहीं बनना चाहती। मैं बड़े बैनर्स की फ़िल्में करना चाहती हूं ताकि वो फ़िल्में सभी सिनेमाघरों में रिलीज हों वरना छोटी बजट की फ़िल्में कब बनती हैं और रिलीज होती हैं किसी को पता ही नहीं चलता।

इंडस्ट्री में काम पाना कितना कठिन मानती हैं आप ?
 
जी, इंडस्ट्री में काम पाना काफी कठिन है क्योंकि आपको कई स्क्रीन टेस्ट और ऑडिशंस से गुजरना पड़ता है। मैं अभी तक मधुर भंडारकर और सुभाष घई जैसे बड़े डायरेक्टर्स से मिल चुकी हूं। मैं फिल्मों के लिए ऑडिशंस इसलिए देती हूं ताकि लोगों को पता चल सके कि इंडस्ट्री में दिव्या सिंह है और जब उनके पास मेरे लायक कोई रोल होगा तो मुझे इन्फॉर्म करेंगे।

लक पर आप कितना विश्वास करती हैं ?

मैं लक पर विश्वास करती हूं लेकिन मेरा मानना है कि लक के साथ-साथ इंसान को मेहनत भी करते रहना चाहिए क्योंकि मेहनत भी जरुरी है। मेरे हिसाब से किसी भी इंसान को पूरी तरह लक पर डिपेंड नहीं होना चाहिए क्योंकि लक आपको पूरी तरह सफल नहीं बनाता है। मैं 70 प्रतिशत मेहनत और 30 प्रतिशत लक पर विश्वास करती हूं।


बॉलीवुड की किस एक्ट्रेस के करीब आप खुद को देखती हैं ?

मैं खुद को एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के सबसे करीब देखती हूं। मैं खुद को प्रियंका चोपड़ा का 70 प्रतिशत समझती हूं। मैं भी प्रियंका चोपड़ा की तरह काफी कॉन्फिडेंट हूं और अपने अनुभवों से काफी सीखती हूं। उनकी तरह मैं खुद को चैलेंज करना भी पसंद करती हूं।

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