रिव्यू – मोहब्बत, ताकत और सियासत की कहानी है ‘दासदेव’

Daasdev review
फिल्म – दासदेव

स्टारकास्ट – राहुल भट्ट, ऋचा चड्ढा, अदिति राव हैदरी

डायरेक्टर – सुधीर मिश्रा

प्रोडूयसर – गौरव शर्मा, संजीव कुमार

रेटिंग – 2.5 स्टार

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पंकज पाण्डेय

सुधीर मिश्रा द्वारा निर्देशित रोमांटिक पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म ‘दासदेव’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। कैसी है फिल्म चलिए जानते हैं। सुधीर मिश्रा की यह फिल्म शरत चंद्र चट्टोपाध्याय की देवदास और शेक्सपिअर की हैमलेट पर आधारित है।

स्टोरी

फिल्म ‘दासदेव’ उत्तरप्रदेश के जहाना में राजनीति करने वाले विसंभर प्रताप चौहान (अनुराग कश्यप) के परिवार की कहानी है। एक हेलीकॉप्टर हादसे में जब विसंभर की मौत हो जाती है तो उनका पद विसंभर के छोटे भाई अवदेश प्रताप चौहान (सौरभ शुक्ला) संभालते हैं। विसंभर का एक बेटा है जिसका नाम देव (राहुल भट्ट) है जो अपनी बचपन की दोस्त पारो (ऋचा चड्ढा) से बहुत प्यार करता है। देव के चाचा अवदेश प्रताप और पारो चाहते हैं कि देव नशा करना छोड़ दे और राजनीति में आ जाए। अवदेश प्रताप के करीबी श्रीकांत सहाय (दलीप ताहिल) अपनी सेक्रेटरी चांदनी (अदिति राव हैदरी) को कहते हैं कि वो देव को नशे से दूर रखे और चांदनी इस काम में सफल भी हो जाती है। आखिरकार चांदनी देव को नशे से दूर करवाकर उसे राजनीति में लेकर आती है और राजनीति में आने के बाद देव को पता चल जाता है कि उसके पिता की हत्या करवाई गयी थी। किसने देव के पिता की हत्या की थी और क्या देव उन सभी से अपने पिता की हत्या का बदला ले पाएगा। इन सभी सवालों का जवाब आपको फिल्म देखने के बाद पता चलेगा।

डायरेक्शन


फिल्म को डायरेक्ट सुधीर मिश्रा ने किया है लेकिन यह फिल्म देखने के बाद यकीन ही नहीं होता कि यह सुधीर मिश्रा की फिल्म है। फिल्म की कहानी कमजोर है और इसी वजह से सुधीर मिश्रा का डायरेक्शन भी फिल्म में कमजोर सा नजर आता है। फिल्म का स्क्रीनप्ले बढ़िया है और सिनेमेटोग्राफी भी ठीक है। फिल्म इंटरवल के बाद रफ़्तार में आती है जो कि फिल्म के लिए अच्छी बात नहीं है। फिल्म का म्यूजिक भी कुछ ख़ास नहीं है।

परफॉरमेंस

परफॉरमेंस की बात करें तो राहुल भट्ट ने देव के किरदार में निराश किया है। फिल्म में उनकी एक्टिंग सामान्य सी लग रही है। ऋचा चड्ढा का भी अभिनय कमजोर है। अदिति राव हैदरी ने ठीक-ठाक काम किया है। सौरभ शुक्ला ने फिल्म ‘रेड’ के बाद एक और बेहतरीन परफॉरमेंस दी है। विनीत कुमार सिंह और विपिन शर्मा का अभिनय लाजवाब है। अनुराग कश्यप का कैमियो फिल्म को सपोर्ट नहीं करता।

क्यों देखें

वैसे तो सुधीर मिश्रा की फिल्म ‘दासदेव’ में देखने लायक कुछ भी नहीं है लेकिन फिर भी अगर आप पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्मों के शौक़ीन हैं तो यह फिल्म देखने जा सकते हैं। 

 

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