रिव्यू – दो भाइयों के विचारधारा के टकराव को दर्शाती है ‘फैमिली ऑफ ठाकुरगंज’

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फिल्म – फैमिली ऑफ ठाकुरगंज
स्टारकास्ट – जिमी शेरगिल, माही गिल, सौरभ शुक्ला, नंदिश सिंह
डायरेक्टर – मनोज झा 
प्रोडूयसर – मनोज झा 
रेटिंग – 2 स्टार
इस हफ्ते जिमी शेरगिल स्टारर फिल्म फैमिली ऑफ ठाकुरगंज सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। चलिए जानते हैं, कैसी है फ़िल्म।
स्टोरी
फ़िल्म की कहानी लखनऊ के ठाकुरगंज की है। जहां पर सिर्फ नन्नू (जिमी शेरगिल) की चलती है। नन्नू के इजाजत के बिना इलाके का कोई पत्ता भी नहीं उड़ता है वहीं दूसरी तरफ नन्नू का छोटा भाई मुन्नू ( नंदिश सिंह) सीधा-साधा इंसान है जो कि एक कोचिंग चलाता है। नन्नू के गलत कामों की वजह से उसने कई दुश्मन भी पाल रखे हैं जिसकी वजह से मुन्नू हमेशा नन्नू को इन गलत कामों से दूर रहने की हिदायत देता रहता है। नन्नू अपना गुरु बाबा भंडारी (सौरभ शुक्ला) को मानता है और उनके इशारे पर ही अपना पूरा बिजनेस रन करता है लेकिन इसी बीच नन्नू अपने भाई मुन्नू की विचारधारा से सहमत हो जाता है और गलत काम करना बंद कर देता है जिससे नन्नू की जान को खतरा और भी बढ़ जाता है। अब कैसे नन्नू अपने दुश्मनों का सामना करके अपनी जान बचाएगा और क्या इस लड़ाई में मुन्नू नन्नू का साथ देगा। इन सवालों के जवाब आपको फिल्म देखने के बाद पता चलेंगे।
डायरेक्शन
फिल्म को डायरेक्ट मनोज झा ने किया है और पूरी फिल्म देखने के बाद हम बड़ी आसानी से कह सकते हैं कि मनोज झा का डायरेक्शन औसत दर्जे का है। उनके डायरेक्शन में काफी कमियां हैं। फिल्म की कहानी में नयापन नहीं है। इस तरह की कहानियां हम पहले भी देख चुके हैं। फ़िल्म का स्क्रीनप्ले काफी स्लो है और सिनेमेटोग्राफी ठीक है। फिल्म के डायलॉग अच्छे हैं और म्यूजिक औसत दर्जे का है।
परफॉर्मेंस
परफॉर्मेंस की बात करें तो जिमी शेरगिल का काम ठीक है लेकिन फिल्म के कई सीन्स में वो खुद को रिपीट करते हुए नजर आते हैं। माही गिल का काम औसत दर्जे का है। नंदिश सिंह का काम भी ठीक ठाक है। सौरभ शुक्ला के अभिनय में उनकी पिछली फिल्मों की झलक दिखाई देती है। पवन मल्होत्रा, मनोज पाहवा और मुकेश तिवारी का काम सराहनीय है।
 
 
क्यों देखें
पिछले कुछ सालों में यूपी के बैकड्रॉप पर कई फिल्में बनी हैं। फैमिली ऑफ ठाकुगंज भी उन्हीं फेहरिश्त में शामिल है। फिल्म में दो भाइयों के विचारधार के टकराव को दिखाने की कोशिश की गई है लेकिन डायरेक्टर की यह कोशिश काफी हद तक असफल साबित होती है इसलिए अगर आपको यह फिल्म देखनी है तो आप अपने रिश्क पर यह फिल्म देखने जा सकते हैं।

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